यूपी पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, पिछड़ा वर्ग आयोग समेत कई प्रस्तावों को दी मंजूरी?
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार और नये आठ मंत्रियों को विभाग आवंटन के बाद बाद आयोजित यूपी कैबिनेट में सोमवार को 12 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर आयोजित कैबिनेट की बैठक में 12 प्रस्ताव रखे गए थे और सभी को हरी झंडी दे दी गई। योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के फैसलों से यह तो तय है कि सरकार चुनावी दौर और विकास दोनों को साधने की तैयारी में है। यूपी कैबिनेट की बैठक में बड़ा प्रस्ताव पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का था, जिसको भी मंजूरी प्रदान की गई। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी कैबिनेट की बैठक में ओबीसी आरक्षण के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का फैसला लिया गया। इसके साथ लोकतंत्र सेनानियों के लिए कैशलेस इलाज समेत 12 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने और लखनऊ और आगरा मेट्रो विस्तार के लिए भूमि आवंटन के एमओयू को मंजूरी दी है।
योगी कैबिनेट ने यूपी पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने का निर्णय कर बड़ी समस्या दूर कर दी है। कैबिनेट मीटिंग में नए ओबीसी आयोग को मंजूरी मिल गई है। अब ओबीसी आयोग ही यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा को तय करेगा। यूपी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ओबीसी आयोग सभी 75 जिलों में बैठक, जातिवार और आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही आरक्षण संबंधी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव आरक्षण की जो सिफारिशें आएंगी, उसके आधार पर आगे की चीजों को तय करेगा।

