बेटियों की सुरक्षा में ही राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित ..
मुंबई, जिस देश की बेटियाँ भयमुक्त नहीं, वह राष्ट्र कभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता। आज हर माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता अपनी बेटी की सुरक्षा बन गई है। विद्यालय से लेकर कार्यस्थल तक महिलाओं को असुरक्षा का वातावरण महसूस होना अत्यंत दुखद है। समाज को यह समझना होगा कि महिला सुरक्षा केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के सम्मान का प्रश्न है। बेटों को बचपन से ही महिलाओं का सम्मान करना सिखाना होगा। यदि संस्कार मजबूत होंगे तो अपराध स्वतः कम होंगे। महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और कानूनी जानकारी भी दी जानी चाहिए ताकि वे निर्भीक होकर अन्याय का सामना कर सकें।.
✍️… विनोद पाठक

