550 करोड़ की संपत्ति दान करने के बाद चर्चा में आए स्वामी चिन्मयानंद!
जौनपुर। मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद इन दिनों सुर्खियों में हैं। दरअसल उन्होंने अपनी 550 करोड़ की संपत्ति स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय के नाम दान कर दी है। स्वामी चिन्मयानंद का जौनपुर से गहरा राजनीतिक संबंध रहा है। वह 1999 में 13वीं लोकसभा के लिए जौनपुर संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। इससे पूर्व 1998 में मछलीशहर लोकसभा सीट से भी भाजपा सांसद रह चुके हैं। स्वतंत्र भारत में जौनपुर को केवल एक बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सका है। यह सपना तब साकार हुआ था जब जौनपुर से सांसद रहते हुए स्वामी चिन्मयानंद ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में लालकृष्ण आडवाणी के सहयोगी के रूप में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का दायित्व संभाला था। अपने संसदीय कार्यकाल में ही उन्होंने जौनपुर से होकर मुबंई तक जाने वाली गोदान एक्सप्रेस का संचालन शुरू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वामी चिन्मयानंद ने विश्व हिंदू परिषद के नेता के रूप में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भी बढ़चढ़कर भूमिका निभाई थी। दूसरी बार जौनपुर से लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उनका जौनपुर से लगाव कम नहीं हुआ था।
स्वामी चिन्मयानंद प्रायः जौनपुर आया जाया करते हैं। यहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक धर्म आध्यात्म के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनके योगदान की सराहना करते हैं। जौनपुर में उनके प्रतिनिधि रह चुके सूर्यप्रकाश सिंह मुन्ना ने कहा कि निश्चित रूप से यह न सिर्फ बेहद सराहनीय है बल्कि औरों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है।

