राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण – लखनऊ लौटेगी SIT, गणनाकर्मियों से पूछताछ?
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। संतों ने जहां सख्त कार्रवाई की मांग की है, वहीं विपक्ष सरकार पर हमलावर हुआ है। एसआईटी की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। विपक्ष सरकार पर तंज कस रहा है तो वहीं योगी आदित्यनाथ के तल्ख तेवर दिखाए हैं। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच शुक्रवार पांचवे दिन श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इंजीनियर रहे प्रयागराज के दीनानाथ वर्मा ने मीडिया में सामने आकर ट्रस्टी डॉक्टर अनिल कुमार मिश्र पर चालीस प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि सब कुछ जानते हुए भी महासचिव चंपतराय अनजान बने रहे और जमकर लूटखसोट होती रही। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री रामनगरी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर के विषय पर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस को आईना दिखाया। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाले, रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले उपदेश दे रहे हैं। अयोध्या को अपमानित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या के बारे में समाचार पत्रों से जो जानकारी मिली, उसके बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने एसआईटी जांच बैठाई है। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। एसआईटी की रिपोर्ट आने तक ऐसी कोई बयानबाजी न हो, जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हो। यदि किसी के पास साक्ष्य हों तो एसआईटी को उपलब्ध करा दें। एसआईटी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय को फिर बुलाया और उनसे भी पूछताछ की। डॉ. अनिल मिश्र व चंपतराय के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। रिटायर्ड बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व मंदिर में आभूषणों की देखरेख करने वाले ट्रस्ट कर्मी कृष्णदेव तिवारी, बैंक व कलेक्शन एजेंसी के कर्मियों के साथ ही ट्रस्ट से जुड़े कुछ कर्मचारियों से दोबारा भी पूछताछ की गई।

