उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बेड़े में 50% बसें होंगी इलेक्ट्रिक?
लखनऊ। डीजल से चलने वाली परिवहन निगम की बसें अब इलेक्ट्रिक ऊर्जा से संचालित होंगी। वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया जा रहा। अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, मथुरा सहित अन्य शहरों के विभिन्न मार्गों पर 140 बसों का संचालन शुरू हो गया है, 2030 तक निगम की 50 प्रतिशत से अधिक बसों को इलेक्ट्रिक करने की तैयारी है। परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बसों के लिए लखनऊ सहित नौ स्थानों पर चार्जिंग व मेंटीनेंस डिपो स्थापित कराया गया है। हर डिपो में चार से आठ चार्जर लगाए गए हैं। ऐसे ही 16 स्थानों पर अपार्चुनिटी चार्जर भी लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार बसों के चार्जर व मेंटीनेंस डिपो तैयार करने में देरी की वजह से बसों का संचालन करने में विलंब हुआ है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने बताया, निगम ने विभिन्न श्रेणियों की 50 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए मेसर्स आरजी मोबिलिटी के साथ राजस्व साझेदारी यानी रेवेन्यू शेयरिंग के तहत अनुबंध भी किया गया है। इसके तहत फिलहाल छह बसों का संचालन किया जा रहा है। तैयारी है कि 2030 तक कुल बेड़े का 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित हो जाए। उल्लेखनीय है कि निगम के पास अभी 14300 बसें हैं। चार साल में करीब सात हजार से अधिक बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों पेट्रोल व डीजल पर निर्भरता घटाने का आह्वान किया था। उसके बाद से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। डेढ़ साल पहले निगम ने 400 करोड़ रुपये से खरीदी गईं 220 एसी इलेक्ट्रिक बसों में से 140 बसों को वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, गोरखपुर व लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। शेष बसों के संचालन की योजना को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

