यूपी में कुदरत का कहर – योगी ने किया मुआवजे का ऐलान ..
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। चक्रवात जैसी 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं, आकाशीय बिजली और धूल भरी आंधी ने राज्य के कई जिलों को झकझोर कर रख दिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 117 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 79 लोग घायल हुए हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़, बिजली के खंभे और दीवारें गिर गईं, सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए और किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा तबाही प्रयागराज और मिर्जापुर में देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार बुधवार दोपहर आए भीषण तूफान ने पूरे उत्तर प्रदेश में भारी नुकसान पहुंचाया। जारी आंकड़ों के मुताबिक 113 लोगों की मौत तूफान और ढहती संरचनाओं की वजह से हुई, जबकि चार लोगों की जान आकाशीय बिजली गिरने से गई। तूफान में 79 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 177 से अधिक पशुओं की मौत हुई है और करीब 330 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आम, गेहूं और अन्य फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। तूफान का सबसे ज्यादा असर प्रयागराज जिले में देखने को मिला, जहां 23 लोगों की मौत हुई। तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ उखड़ गए, दीवारें गिर गईं और मकानों को नुकसान पहुंचा। मिर्जापुर में 19 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि संत रविदास नगर में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। रायबरेली, उन्नाव और बदायूं समेत कई जिलों में भी भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कई जिलों में हवा की रफ्तार चक्रवाती स्तर तक पहुंच गई थी। बरेली और प्रयागराज में हवाओं की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जो उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में सबसे अधिक मानी जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण के टकराव की वजह से यह खतरनाक मौसम प्रणाली बनी। तेज हवाओं ने मिट्टी को हवा में उड़ा दिया, जिससे धूल भरी आंधी और अधिक विनाशकारी हो गई। इसके साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं भी हुईं। तूफान और बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। आम की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है, जबकि कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गईं।
पशुपालन पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। 177 से अधिक पशुधन की मौत ने ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में लोगों की आय खेती और डेयरी पर निर्भर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को राज्य आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

