एक शाम समन्वय के नाम – जहाँ उम्र नहीं, उत्साह बोलता है?

मुंबई। अंधेरी पश्चिम स्थित YWCA प्रांगण में समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन का वार्षिक उत्सव उल्लास, आत्मीयता और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का जोश, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण यह सिद्ध कर रहा था कि जीवन की संध्या भी उतनी ही रंगीन और ऊर्जावान हो सकती है, जितनी उसकी सुबह। समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन आज वरिष्ठ नागरिकों के लिए केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार बन चुका है, जहाँ अपनापन, मित्रता और सक्रिय जीवनशैली का अनूठा संगम देखने को मिलता है। संस्था वर्षभर में 65 से अधिक सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, खेलकूद एवं मनोरंजन संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन करती है, जिनमें सदस्य पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लेते हैं। वार्षिक उत्सव के अवसर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत 11 सदस्यीय नई कार्यकारिणी समिति का गठन भी किया गया। नई समिति में प्रकाश नायक, एम एस कृष्णन, मुकुल शिर्के, किशोर प्रभु, कौशिक शाह सहित अन्य सदस्यों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। उपस्थित सदस्यों ने नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए संस्था को और अधिक ऊँचाइयों तक ले जाने का विश्वास व्यक्त किया।
समारोह में वर्षभर आयोजित कैरम, दौड़-भाग, खेलकूद तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं का सम्मान कर उनके उत्साहवर्धन किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों पर आत्मविश्वास और प्रसन्नता देखते ही बनती थी। इस अवसर पर एडवोकेट विनोद पाठक, एडवोकेट विजय देवुरकर सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अनेक वरिष्ठ नागरिकों ने भावुक शब्दों में कहा –
“समन्वय ने हमारी जिंदगी बदल दी है। हम अपने जीवन की आखिरी पारी यहाँ इतने आनंद और अपनत्व के साथ जी रहे हैं कि पता ही नहीं चलता कब सुबह होती है और कब शाम हो जाती है। यहाँ हर दिन एक उत्सव है, हर सदस्य परिवार का हिस्सा है।” यह भावना केवल शब्द नहीं, बल्कि समन्वय की जीवंत संस्कृति का परिचय है। आज जब बढ़ती उम्र के साथ अकेलापन एक बड़ी सामाजिक चुनौती बनता जा रहा है, ऐसे समय में समन्वय जैसी संस्थाएँ वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा, नई मित्रता और नई उम्मीद का संचार कर रही हैं। समारोह ने यह संदेश दिया कि उम्र कभी भी उत्साह की सीमा नहीं होती। यदि साथ, संवाद, सम्मान और सकारात्मक सोच हो तो जीवन की हर शाम सुनहरी बन सकती है। समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन इसी प्रेरणा का जीवंत उदाहरण बनकर समाज के सामने खड़ा है।
.. कौशल विनोद पाठक – विशेष संवाददाता

