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Wednesday, June 24, 2026

अग्निकांड के बाद कानपुर कोचिंग मंडी में खलबली, 32 कोचिंग सेंटर सील?

अग्निकांड के बाद कानपुर कोचिंग मंडी में खलबली, 32 कोचिंग सेंटर सील?

कानपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) की कार्रवाई से काकादेव कोचिंग मंडी में खलबली मच गई। केडीए ने महा-अभियान चलाकर एलन, महिन्द्रा, अड्डा 247 और क्रक्स एकेडमिक समेत 32 कोचिंग सेंटर सील कर दिए। दो दिनों में अब तक कोचिंग और व्यावसायिक 48 प्रतिष्ठान सील किए। लखनऊ में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद जागे केडीए ने सोमवार शाम 16 कोचिंग सेंटर और प्रतिष्ठान सील कर दिए थे। मंगलवार को भी सभी छह जोन में अभियान चलाकर एलन, महिन्द्रा, अड्डा 247, क्रक्स एकेडमिक समेत 32 कोचिंग सेंटर और प्रतिष्ठान सील कर दिए। इस दौरान विरोध करने वालों को सुरक्षा कर्मचारियों ने पीछे कर दिया। दो दिन में केडीए ने 48 कोचिंग सेंटर व प्रतिष्ठान सील किए हैं। इसमें बेसमेंट का प्रयोग कोचिंग, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के रूप में किया जा रहा था। केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने सभी प्रवर्तन प्रभारियों को आदेश दिए हैं बेसमेंट का प्रयोग पार्किंग व स्टोर की जगह अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में हो रहा है तो सील कर दिया जाए। प्राधिकरण सचिव अभय पांडेय की अगुवाई में दस्ता सबसे पहले काकादेव कोचिंग मंडी पहुंचा। इसकी जानकारी पहले से होने पर तमाम कोचिंग संचालकों व दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी थीं।

आज कोचिंग बंद कर लें, कल हम खोलकर जाएंगे
कोचिंग मंडी में एक अजीब घटना सामने आई। इसमें एलेन कोचिंग को बंद कराने के लिए केडीए के अधिकारी पहुंचे तो कोचिंग संचालक ने दावा किया कि सेंटर के कागज पूरे हैं। उनका कहना है कि केडीए अफसरों ने कल कागज दिखाने को कहा तो उन्हें आज ही दिखाने की बात कही लेकिन अफसर बोले- आज कोचिंग बंद कर लें, कल हम खुद खोलकर जाएंगे। वहीं, सचिव अभय पांडेय ने कहा कि दस्तावेज अगर सही है तो सेंटर खोल दिया जाएगा। कागज देखकर ही कुछ कहा जा सकता है। साकेत नगर निवासी दीपक शुक्ला ने बताया कि बेटा जेईई की तैयारी कोचिंग से कर रहा है। मंगलवार सुबह आफलाइन क्लास न होने का मैसेज आ गया। कोचिंग में शिक्षक को फोन कर जानकारी ली। काकादेव की एक प्रतिष्ठित कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक ने बताया कि केडीए की ओर से सीलिंग की कार्यवाही को देखते हुए कोचिंग संस्थानों में आफलाइन के बजाय आनलाइन कक्षाएं संचालित की गईं। बुधवार से आफलाइन कक्षाएं शुरू करने को लेकर कोचिंग संचालक सहमति बना रहे हैं। इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।

प्रताड़ित हो रहे छोटे कोचिंग संचालक
कानपुर कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सतेंद्र कटियार ने बताया कि लाखों-करोड़ों के टर्नओवर वाली कारपोरेट कोचिंग और सीमित संसाधनों में चलने वाली लघु व मध्यम कोचिंग संस्थानों को एक ही तराजू में नहीं तौला जा सकता। दोनों की जमीनी हकीकत, छात्र संख्या और इंफ्रास्ट्रक्चर में जमीन-आसमान का अंतर है। कारपोरेट कोचिंग संस्थानों की एक-एक बिल्डिंग में पांच से छह बड़ी कक्षाएं होती हैं। पूरी बिल्डिंग में एक समय पर 1000 से अधिक बच्चों की भीड़ होती है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा, फायर सेफ्टी और एग्जिट रूट के कड़े मानक पूरे नहीं किए जाते। इसके विपरीत, छोटी कोचिंग मात्र एक या दो कमरों में चलती हैं। जहां छात्र संख्या बेहद कम हो, वहां कारपोरेट लेवल के कड़े नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं है।

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