पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर एक्शन मोड में कांग्रेस हाईकमान?
चंडीगढ़। अगले छह महीनों में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान एक्शन मोड में आ चुका है। पंजाब के सभी सीनियर नेताओं के साथ बीते महीने भर से लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिसमें ना सिर्फ नेताओं से चुनाव से पहले का फीडबैक लिया जा रहा है, साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की तैयारी को लेकर भी प्रारंभिक रिपोर्ट ली जा है। ताजा घटनाक्रम में कांग्रेस ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों में जीत पक्की करने के लिए पुख्ता तरीके से रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। दिल्ली में बड़े स्तर का थींक टेंक इसपर काम कर रहा है। इसी रणनीति के तहत अगले कुछ दिनों में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओर से तीन ऑब्जर्वर को पंजाब भेजे जा रहे हैं। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाधव की अगुवाई में कमेटी को पंजाब की राजनीति स्थित का आंकलन करने के लिए नियुक्त किया गया है।
यह कमेटी बहुत जल्द चंडीगढ़ और पंजाब में कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं से मिलकर पार्टी की राजनीतिक स्थिति का मूल्यांकन करेगी। कमेटी कांग्रेस के विधायकों और अन्य कार्यकर्ताओं से भी रूबरू होकर चुनावी तैयारी और मौजूदा स्थिति को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी। इस समय पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी केंद्रीय हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। दिल्ली में पंजाब के नेताओं की बार बार बैठकों में इसे लेकर चर्चा हो चुकी है। हाईकमान ने राज्य में पार्टी के मौजूदा हालात की रिपोर्ट तैयार के लिए पहली बार पार्टी के वरिष्ठ को ऑब्जर्वर बनाकर भेजने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बजावा और सांसद सुखजिंदर रंधावा सहित सभी वरिष्ठ नेताओं की धड़ेबंदी कम नहीं हो रही। शीर्ष नेतृत्व को इस बात का पूरा असहास है कि अगर नेताओं के बीच के मनमुटाव को दूर नहीं किया गया तो पंजाब की कमान इस बार भी कांग्रेस के हाथ लगनी आसान नहीं होगी। 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में गुटबाजी से भी कांग्रेस से कड़ा सबक लिया है।
पंजाब की बात करें तो 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसी धड़ेबंदी के कारण सत्ता से बाहर होना पड़ा था और पार्टी 77 सीटों से 18 सीटों पर सिमट गई थी। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी हर हाल में धड़ेबंदी को खत्म करना चाहती है, लेकिन अभी तक ऐसा मुश्किल लग रहा है। कांग्रेस सूत्रों अनुसार ऑलाकमान की ओर से गठित ऑब्जर्वर कमेटी के पंजाब दौरे को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। कमेटी के चंडीगढ़ में ही कांग्रेस नेताओं से मिलने की संभावना बन रही है। इसे लेकर अगले कुछ दिनों तक शेड्यूल फाइनल कर दिया जाएगा। सभी नेताओं को कमेटी के दौरे के दोरान मौजूद रहना होगा। कमेटी को कांग्रेस सदस्य लिखित में सुझाव भी दे सकेंगे। ऑब्जर्वर किन-किन से मिलेंगे इसे लेकर भी तैयारी चल रही है। चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में बदलाव को लेकर खूब चर्चा है। सूत्रों अनुसार फिलहाल कांग्रेस के सभी बड़े नेता दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं। शुक्रवार को भी प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिह राजा वडिंग और अन्य नेता दिल्ली में जमे हुए हैं।

