TMC की फूट – ममता की बैठक में सिर्फ 4 सांसद, 8 MLA पहुंचे?
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस में विद्रोह की आग तेजी से फैल रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर शुक्रवार को बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में महज 8 विधायक ही पहुंचे। जबकि लोकसभा और राज्यसभा के ज्यादातर सांसद भी बैठक से गायब रहे।टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से दो-तिहाई से अधिक नेता अब खुलकर विद्रोह कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही 60 विधायकों ने एक अहम बैठक का बहिष्कार किया था। शुक्रवार की बैठक में बेहद कम उपस्थिति ने पार्टी नेतृत्व को चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, कई विधायक और सांसद अब पार्टी की दिशा और ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं।
सांसदों की गैरमौजूदगी चिंताजनक
बैठक में पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से सिर्फ 4 ही शामिल हुए, जबकि राज्यसभा के 13 सांसदों में से 11 गायब रहे। ममता बनर्जी के भतीजे और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी बैठक में मौजूद थे। राज्यसभा से केवल डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन ही पहुंचे। विधायकों में मदन मित्रा, बीना मंडल, अशिमा पात्रा, फिरहाद हकीम, कुणाल घोष, सोवनदेब चट्टोपाध्याय, बिमान बनर्जी और अशोक देब मौजूद रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर नई नियुक्तियां
बैठक में दो नए राष्ट्रीय संयुक्त सचिव नियुक्त किए गए, जबकि अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव के पद पर बरकरार रखा गया। डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन अब राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मदद करेंगे। पार्टी ने पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन किया है। चंद्रिमा भट्टाचार्य को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सुब्रत बख्शी राष्ट्रीय कार्यसमिति में उपाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर सजदा अहमद, ममता ठाकुर, नयना बंद्योपाध्याय और स्वाति खांडेकर को नियुक्त किया गया।

