दहिसर चेक नाका के गड्ढे ने ली फिर एक बड़ी कीमत?
एडवोकेट पाठक एवं धर्मेंद्र पाठक सड़क दुर्घटना में घायल ..
दहिसर। मुंबई का प्रवेश द्वार माने जाने वाला दहिसर चेक नाका एक बार फिर बदहाल सड़कों और गहरे गड्ढों के कारण चर्चा में है। इसी मार्ग पर सड़क में बने खतरनाक गड्ढे की वजह से वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट वी. एल. पाठक तथा धर्मेंद्र पाठक दुर्घटनाग्रस्त हो गए। सौभाग्य से दोनों की जान बच गई, लेकिन इस घटना ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। दहिसर चेक नाका और उससे जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय से गड्ढों, असमान सड़क और भारी यातायात की समस्या बनी हुई है। नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं कि बरसात के दौरान ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को उनका अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति और गड्ढों को लेकर पहले भी कई रिपोर्टें प्रकाशित हो चुकी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता। सड़कों पर केवल अस्थायी मरम्मत कर दी जाती है, जो कुछ ही दिनों में फिर उखड़ जाती है। परिणामस्वरूप रोज़ाना हजारों वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं इस दुर्घटना ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते गड्ढों की वैज्ञानिक और स्थायी मरम्मत की जाती, तो ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता था। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि नागरिकों के जीवन की रक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है।
कौशल विनोद पाठक ने इस घटना के माध्यम से महाराष्ट्र सरकार, संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों तथा प्रशासन से मांग की है कि दहिसर चेक नाका और आसपास के मार्गों का तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर सभी खतरनाक गड्ढों की स्थायी मरम्मत कराई जाए। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष नागरिक को अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।
.. विशेष रिपोर्ट : कौशल विनोद पाठक

