गणेश चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त, बप्पा की स्थापना के लिए 48 मिनट का समय ही शुभ?
गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की स्थापना की जाती है। अगर आप भी गणेश चतुर्थी के मौके पर बप्पा की स्थापना कर रहे हैं तो उसके लिए बेहद जरुरी है कि शुभ मुहूर्त में ही स्थापना की जाए। आइए जानते हैं गणेश चतुर्थी पूजा और स्थापना का शुभ मुहूर्त? पंडित राकेश झा के कहते हैं कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर के समय हुआ था। इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की स्थापना के लिए दोपहर का समय सबसे शुभ माना जाता है। 14 सितंबर अभिजीत मुहूर्त दोपहर में दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। साथ ही इस दिन चित्रा नक्षत्र भी रहेगा। चित्रा नक्षत्र दोपहर में 1 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। बता दें कि अभिजीत मुहूर्त के बारे में कहा जाता है कि 28 नक्षत्रों में अंतिम नक्षत्र माना जाता है। इसमें पूजा पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर किसी की कुंडली में किसी ग्रह की प्रतिकूल दशा चल रही होती है तो इस अवधि में पूजा पाठ करके आप उसके प्रतिकूल प्रभाव को कम कर सकते हैं। इस दौरान ब्रह्म योग का संयोग भी रहेगा। ब्रह्म योग दोपहर में 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
जो लोग अपने घर पर गणेश जी को विराजमान करना चाहते हैं तो वह चाहें तो तो सुबह में 7 बजकर 7 मिनट से भी बप्पा को विराजमान कर सकते हैं। इस समय चतुर्थी तिथि लग जाएगा। लेकिन, इस दौरान राहुकाल का त्याग करें। 14 सितंबर को राहुकाल का समय सुबह में 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। इस समय में गणेशजी की स्थापना करने से बचें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दौरान भगवान गणेश की पूजा करने से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। साथ ही इनकी आराधना करने से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है। वहीं, गणेशजी को घर में विराजमान करने से घर में सुख शांति बनी रहती है। गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक बप्पा की पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। अनंत चतुर्दशी पर बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया जाता है और कामना की जाती है अगले साल बप्पा फिर से आपके घर पधारें।

