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Tuesday, August 25, 2026

अग्निकांड में निलंबित हुए अधिकारी तो याद दिलाया अधिकार, न्याय की मांग?

अग्निकांड में निलंबित हुए अधिकारी तो याद दिलाया अधिकार, न्याय की मांग?

लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड को लेकर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता (जानकीपुरम) व प्रभारी अग्निशमन अधिकारी (इंदिरानगर) को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों की खींचतान और पल्ला झाड़ने का तरीका सामने आया। दोनों विभागों के अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों के अधिकारों को याद भी दिला दी। कहा कि उनके अधिकार सीमित हैं और इस घटना के लिए वे सीधे जिम्मेदार नहीं हैं। इसके वास्तविक दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।

राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि अधिशासी अभियंता (जानकीपुरम) का निलंबन न्याय संगत नहीं है। ऊर्जा निगमों को अग्निकांड का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो कि गलत है, जबकि विभाग का काम सिर्फ मीटर या मीटर से पहले इनकमिंग केबल में फाल्ट की जिम्मेदारी होती है। मीटर के बाद आउटपुट केबल में या परिसर के अंदर किसी उपकरण में फाल्ट होता है तो उसकी जिम्मेदारी उपभोक्ता एवं विद्युत सुरक्षा निदेशालय की होती है। भवन के अंदर की वायरिंग, बिजली उपकरणों की गुणवत्ता, विद्युत सुरक्षा मानकों का अनुपालन व समय-समय पर उनकी जांच का दायित्व भवन स्वामी एवं संबंधित विद्युत सुरक्षा निदेशालय का होता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ऊर्जा निगम के अधिशाषी अभियंता निलंबन आदेश को निरस्त करते हुए इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और वास्तव में दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उधर प्रभारी अग्निशमन अधिकारी (इंदिरानगर) कमलेंद्र कुमार सिंह ने स्वयं को निलंबित किए जाने को अन्यायपूर्ण बताते हुए इस कार्रवाई पर प्रश्न उठाया। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि उनका कार्यक्षेत्र केवल स्थानीय निरीक्षण और रिपोर्टिंग तक सीमित है। मुख्य जिम्मेदारी सीएफओ की होती है।

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