बंगाल का शेर-मिथुन दादा ..
मुंबई निवास पर आत्मीय मुलाकात, समाजसेवा और “सोनार बांग्ला” के विज़न पर चर्चा !
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं लोकप्रिय अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ‘दादा’ से मुंबई स्थित उनके निवास पर कौशल विनोद पाठक, हनीथ मनोहर शर्मा, एडवोकेट वी.एल. पाठक एवं मधुकर मांगेला ने आत्मीय मुलाकात की। कोलकाता में हुई सर्जरी के बाद सभी ने दादा का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुलाकात के दौरान हनीथ मनोहर शर्मा ने मिथुन दादा को “बंगाल लायन दादा” की उपाधि से सम्मानित करने का प्रस्ताव रखा। दादा ने इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार करते हुए अपना आशीर्वाद दिया।
बंगाल के प्रति दादा का विशेष प्रेम
मिथुन दादा ने अपने सामाजिक सरोकारों का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत के प्रथम AC सरकारी अस्पताल के लिए उन्होंने अपनी ओर से AC दान किए थे। यह उनके बंगाल के लोगों के प्रति विशेष प्रेम और सामाजिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। दादा ने कहा कि उनका सपना बंगाल को “सोनार बांग्ला” के रूप में विकसित होते देखना है। बंगाल की जनता के प्रति उनका लगाव और सम्मान हमेशा विशेष रहा है।
हनीथ शर्मा की समाजसेवा की प्रशंसा
मुलाकात के दौरान मिथुन दादा ने हनीथ मनोहर शर्मा की समाजसेवा की विशेष रूप से सराहना की। बाली में पिछले तीन वर्षों से जारी निःशुल्क खिचड़ी वितरण सेवा की प्रशंसा करते हुए दादा ने उन्हें सामाजिक क्षेत्र में और अधिक सक्रियता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। दादा ने इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान कीं।
बंगाल विजय में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
समर्थकों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा के विस्तार और चुनावी अभियान में मिथुन दादा ने “बंगाल के शेर” की तरह प्रभावशाली भूमिका निभाई। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में सत्य और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका संदेश स्पष्ट है-बंगाल का विकास हो, युवाओं को अवसर मिले और बंगाल “सोनार बांग्ला” की दिशा में आगे बढ़े।
विनोद पाठक की कविता को मिली दादा की सराहना
इस अवसर पर एडवोकेट विनोद कुमार एल. पाठक द्वारा रचित कविता ..
बंगाल का शेर—मिथुन दादा,
बंगाल विजय के शिल्पकार,
मिथुन दादा नाम महान,
संघर्षों से गढ़ी पहचान…
दादा को सुनाई गई। मिथुन दादा ने कविता की भावनाओं और शब्दों की सराहना करते हुए अपनी शुभकामनाएं दीं। यह विशेष मुलाकात सम्मान, समाजसेवा, बंगाल के विकास और “सोनार बांग्ला” के सपने को समर्पित एक यादगार मुलाकात बन गई।
.. कौशल विनोद पाठक – विशेष रिपोर्ट

