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Tuesday, September 8, 2026

मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल का सांस्कृतिक सलाहकार बनाए जाने से सिनेमा जगत में नई उम्मीद ..

मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल का सांस्कृतिक सलाहकार बनाए जाने से सिनेमा जगत में नई उम्मीद ..
बांग्ला सिनेमा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम, फिल्मों की शूटिंग पर 30 प्रतिशत टैक्स सब्सिडी की मांग को मिली मंजूरी

कोलकाता। बॉलीवुड और बांग्ला फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार का नया सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस घोषणा को राज्य के फिल्म और सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। न्यू टाउन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह घोषणा की। कार्यक्रम महानायक उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया गया था, जहां ‘उत्तम कुमार फिल्म सेंटर’ की आधारशिला भी रखी गई।

उत्तम कुमार की विरासत से जुड़ा आयोजन
उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित समारोह में बंगाली सिनेमा की समृद्ध विरासत और उसके भविष्य को लेकर चर्चा हुई। इसी क्रम में मिथुन चक्रवर्ती को पहले ही उत्तम कुमार जन्म शताब्दी समारोह के लिए गठित विशेष उच्चस्तरीय सलाहकार समिति में सह-संरक्षक की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। उनके साथ संस्कृति राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती भी सह-संरक्षक के रूप में शामिल हैं। मिथुन चक्रवर्ती का बंगाली और हिंदी दोनों फिल्म उद्योगों में लंबा और प्रभावशाली अनुभव रहा है। ऐसे में सांस्कृतिक सलाहकार के रूप में उनकी भूमिका को राज्य के फिल्म उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिल्मों को 30 प्रतिशत टैक्स सब्सिडी देने की मांग
सांस्कृतिक सलाहकार की जिम्मेदारी मिलने के बाद मिथुन चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल में फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव रखा। उन्होंने राज्य में शूटिंग करने वाली फिल्मों को 30 प्रतिशत टैक्स सब्सिडी देने की मांग की। बताया गया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी प्रदान कर दी। इससे पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मिथुन चक्रवर्ती का मानना है कि यदि फिल्म निर्माताओं को आर्थिक प्रोत्साहन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो पश्चिम बंगाल एक बार फिर देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्रों में अपनी मजबूत स्थिति बना सकता है।

राजनीतिक हस्तक्षेप पर मुख्यमंत्री का निशाना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एक समय पश्चिम बंगाल भारतीय सिनेमा की पहचान और रचनात्मकता का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलीं। उन्होंने इसके लिए राजनीतिक हस्तक्षेप को भी एक कारण बताया। मुख्यमंत्री ने बांग्ला सिनेमा से जुड़े कलाकारों, निर्माता-निर्देशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि बांग्ला सिनेमा के विकास के लिए नए कानून की आवश्यकता पड़ी तो सरकार आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

बंगाली फिल्म उद्योग को पुनर्जीवित करने की चुनौती
पश्चिम बंगाल की फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। सत्यजीत रे, ऋत्विक घटक, मृणाल सेन और उत्तम कुमार जैसे दिग्गजों ने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। ऐसे समय में मिथुन चक्रवर्ती जैसे लोकप्रिय और अनुभवी कलाकार को सांस्कृतिक सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपना सरकार और फिल्म जगत के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। अब चुनौती यह होगी कि 30 प्रतिशत टैक्स सब्सिडी सहित प्रस्तावित प्रोत्साहनों का लाभ वास्तविक रूप से फिल्म निर्माताओं तक पहुंचे, शूटिंग सुविधाओं का विस्तार हो और स्थानीय कलाकारों तथा तकनीकी कर्मियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें।

सिनेमा और संस्कृति के नए अध्याय की उम्मीद
मिथुन चक्रवर्ती की नई जिम्मेदारी से यह उम्मीद जगी है कि पश्चिम बंगाल में फिल्म निर्माण को नई गति मिल सकती है। यदि सरकार, कलाकार, निर्माता और निर्देशक एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हैं, तो बांग्ला सिनेमा अपनी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक और नई प्रतिभाओं के साथ जोड़कर फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सांस्कृतिक सलाहकार के रूप में मिथुन चक्रवर्ती की पहल और सरकार की नीतियां पश्चिम बंगाल के फिल्म उद्योग को किस दिशा में आगे ले जाती हैं।
.. कौशल विनोद पाठक – विशेष रिपोर्ट

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