पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर करीबी दबोचा गया ..
जयपुर, राजस्थान के बहुचर्चित 960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले की परतें अब प्याज के छिलकों की तरह एक-एक कर उतरने लगी हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को इस मामले में एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दिल्ली एयरपोर्ट पर उस शख्स को हिरासत में लिया गया, जिसे इस पूरे खेल की अहम कड़ी माना जा रहा है। पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के कथित करीबी और इस घोटाले के मुख्य बिचौलिए संजय बड़ाया को एसीबी ने दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया है। बड़ाया थाईलैंड में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था। एजेंसियों को पहले से ही उसके विदेश भागने की आशंका थी, इसलिए एसओजी ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करवा रखा था। जैसे ही उसने दिल्ली की धरती पर कदम रखा, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। अब उसे जयपुर लाया जा रहा है, जहां महेश जोशी के सामने बैठाकर उससे पूछताछ की जा सकती है। इधर पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिलचस्प और विडंबनापूर्ण बात यह है कि एसीबी ने महेश जोशी को 7 मई को उनकी शादी की सालगिरह के दिन गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उन्हें 11 मई तक रिमांड पर भेजा था। सोमवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर उन्हें दोबारा एसीबी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस घोटाले की आंच केवल नेताओं तक ही सीमित नहीं है। तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल पहले ही 9 अप्रैल को गिरफ्तार हो चुके हैं और वर्तमान में सलाखों के पीछे हैं। यदि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत इन सभी पर दोष सिद्ध होता है, तो महेश जोशी और सुबोध अग्रवाल समेत सभी आरोपियों को 10 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
960 करोड़ का यह फर्जीवाड़ा फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर टेंडर हासिल करने से शुरू हुआ था। संजय बड़ाया की गिरफ्तारी के बाद अब उन तीन फरार आरोपियों की तलाश तेज हो गई है, जो इस सिंडिकेट का हिस्सा थे। एसीबी को उम्मीद है कि ‘बिचौलिए’ संजय बड़ाया से पूछताछ में यह साफ हो जाएगा कि करोड़ों की घूस का पैसा ऊपर तक किस जरिए पहुंचा था।

