सड़कों पर पशुओं का कब्जा, MCD विभाग की रफ्तार हुई मंदी ..
नई दिल्ली, MCD का पशु विभाग पिछले साल के मुकाबले इस साल कुछ कम ऐक्टिव नजर आ रहा है। साल 2025-26 में सड़कों पर घूम रहे जानवरों के खिलाफ कार्रवाई भी कम हुई। साल 2024-25 में पशु विभाग ने 13,780 जानवरों को पकड़कर अलग-अलग गौशालाओं में पहुंचाया था, जबकि साल 2025-26 में यह आंकड़ा घटकर 13,432 रह गया। पशु विभाग का दावा है कि इस साल बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई में बढ़ोतरी हुई है। साल 2024-25 में पूरे साल में 1,483 बंदरों को पकड़ा गया था, जबकि साल 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,639 तक पहुंच गया। MCD के 250 वॉर्ड में शायद ही कोई ऐसा वॉर्ड हो, जहां जानवरों की समस्या न हो। निगम पार्षद भी लगातार MCD बैठकों में इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। इसके बावजूद राजधानी को अब तक जानवरों की समस्या से राहत नहीं मिल सकी है। विभाग के मुताबिक जून और जुलाई 2025 में दिल्ली की गौशालाओं ने ओवरलोड होने के कारण जानवरों को लेना बंद कर दिया था। इससे विभाग को कार्रवाई धीमी करनी पड़ी। इस समय दिल्ली में सिर्फ 4 गौशालाएं हैं और उनमें क्षमता से कहीं ज्यादा जानवर रखे जा रहे हैं। सरकार ने घुम्मनहेड़ा की बंद पड़ी गौशाला को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
सड़कों पर जानवरों से पूरी दिल्ली परेशान है। लगभग हर दिन जानवरो की वजह से एक न एक हादसा जरूर होता है। यह हालात तब है जब जानवरों की धरपकड़ के लिए MCD में पूरा एक विभाग बना हुआ है। जो अधिकारी कभी वेटनरी ऑफिसर या डॉक्टर के तौर पर भर्ती हुए थे, उनमें से कई डायरेक्टर बनकर रिटायर्ड हो गए लेकिन दिल्ली की सड़के जानवरों से मुक्त नहीं हो पाई। जानवर सड़कों पर जगह-जगह जमघट लगाए दिख जाएंगे लेकिन पशु विभाग को ये क्यों दिखाई नहीं देते हैं।

