क्या अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियां नई चुनौती का संकेत हैं?
अरुणाचल प्रदेश। भारत-चीन सीमा पर एक बार फिर गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से कुछ स्थानीय संगठनों द्वारा चीनी गतिविधियों और सीमा पर तनाव बढ़ने के दावे किए गए हैं। इन दावों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर स्वाभाविक चिंता उत्पन्न की है। हालांकि भारतीय सेना ने हाल में प्रसारित उन रिपोर्टों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है जिनमें चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय क्षेत्र में नए अतिक्रमण या स्थायी कब्जे का दावा किया गया था। केंद्र सरकार की ओर से भी कहा गया है कि भारत की सीमा पूरी तरह सुरक्षित है तथा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर समय-समय पर दोनों पक्षों के गश्ती दल आमने-सामने आते हैं, क्योंकि सीमा का अंतिम सीमांकन अभी तक नहीं हुआ है।
फिर भी यह सच है कि चीन लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास कर रहा है। सड़कें, पुल, सैन्य सुविधाएं और सीमावर्ती निर्माण उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं। ऐसे में भारत भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, सुरंग, हवाई पट्टी और सैन्य तैनाती को लगातार मजबूत कर रहा है। भारतीय सेना ने अनेक अवसरों पर स्पष्ट किया है कि देश की एक-एक इंच भूमि की रक्षा के लिए वह पूरी तरह सक्षम और सतर्क है। किसी भी उकसावे या सीमा उल्लंघन का जवाब राष्ट्रीय हितों के अनुरूप दृढ़ता और संयम के साथ दिया जाएगा।
.. विश्लेषण : कौशल विनोद पाठक

