बिना टमाटर सॉस और बिन मिर्च बन रही थी हरी चटनी – FSDA का खुलासा
अलीगढ़। फास्ट फूड, समोसे, चाउमीन व स्नैक्स के साथ रोज परोसी जाने वाली टोमैटो सॉस व चिली सास को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के विशेष प्रवर्तन अभियान में ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में रेड सॉस व चिली सॉस तैयार होती मिली, लेकिन मौके पर न तो टमाटर मिले और न ही मिर्च। यहां तक कि टमाटर पल्प व चिली पेस्ट भी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रिया गोल्ड व रायल मैजिक के नाम से जिस सॉस को टोमैटो व चिली के नाम पर बाजार में बेचा जा रहा था, वह किस सामग्री से तैयार की जा रही थी। एफएसडीए के आयुक्त निर्देश पर सोमवार को जिले में चटनी, सॉस, जैम, जेली व अचार पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य-2 डॉ. दीनानाथ यादव के निर्देशन व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह तोमर के पर्यवेक्षण में दो टीमों का गठन कर कार्रवाई की गई। इस दौरान बारहद्वारी व मैरिस रोड क्षेत्र में संचालित दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। सबसे चौंकाने वाले तथ्य बारहद्वारी क्षेत्र में सामने आए। देहली गेट थाना क्षेत्र के पीछे एक मकान में संचालित इकाई पर टीम पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर रिया गोल्ड के नाम से रेड ग्रीन सॉस, व्हाइट विनेगर व मसाला तैयार करने का काम चल रहा था।
जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि उत्पादन स्थल पर अत्यधिक गंदगी फैली हुई थी। खाद्य सामग्री खुले में रखी हुई थी और स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मौके पर टोमैटो सॉस निर्माण के लिए टमाटर या टमाटर पल्प नहीं मिला। इसी प्रकार चिली सॉस के निर्माण में उपयोग होने वाला चिली पेस्ट भी नहीं मिला। अधिकारियों को केवल मसाले, विभिन्न प्रकार के पेस्ट व अन्य सामग्री मिली। एफएसडीए अधिकारियों का कहना है कि सामान्य रूप से टोमैटो सास व चिली सास निर्माण में टमाटर पल्प व चिली पेस्ट प्रमुख कच्चा माल होता है। इनके अभाव में उत्पादन को लेकर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ है। इसी वजह से मौके से रेड ग्रीन सॉस, व्हाइट विनेगर व समोसा मसाले के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
दूसरी टीम ने मैरिस रोड स्थित एक इकाई पर छापेमारी की। यहां मीठी चटनी, हरी चटनी व सोया सॉस के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार खाद्य सामग्री पाई गई। टीम ने 180 लीटर मीठी चटनी नष्ट कराई, जबकि सैकड़ों बोतलें व बड़ी मात्रा में हरी चटनी तथा सोया सॉस सीज कर दिया। कुल तीन नमूने जांच के लिए भरे गए। यहां भी उत्पादन व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिली। रॉयल मैजिक के नाम से यह चटनी तैयार हो रहीं थी। दो कमरे के घर में इस फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। इसके अलावा जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दोनों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। गंदगी पर संचालकों को नोटिस दिए गए हैं।

