ओडिशा के जंगल में छिपा गन-बारूद का जखीरा बरामद?
भुवनेश्वर। ओडिशा के रायगड़ा जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। अंबादला थाना क्षेत्र के धेपागुड़ा आरक्षित वन में छिपाकर रखे गए माओवादियों के एक बड़े डंप (भंडार) का पता लगाते हुए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। 13 जून को जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसके दौरान आरक्षित वन क्षेत्र में छिपाए गए इस डंप स्थल की पहचान की गई। संभावित विस्फोटक खतरे को देखते हुए पहले जिला बम निरोधक दस्ते ने पूरे क्षेत्र की गहन जांच और सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने एक 303 राइफल, 37 कारतूस, एक मैगजीन, छह चार्जर क्लिप, बारूद, कॉर्डेक्स वायर तथा अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की।
इसके अलावा माओवादी साहित्य, छाते, कंबल, चप्पल और दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं भी जब्त की गईं। इससे संकेत मिलता है कि यह स्थान माओवादी कैडरों के लिए भंडारण और सहायता केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच रायगड़ा जिले में कुल 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन्हीं आत्मसमर्पित माओवादियों से प्राप्त सूचनाओं ने इस डंप का पता लगाने और जब्ती अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बरामदगी के बाद क्षेत्र में माओवाद विरोधी अभियान और तेज कर दिया गया है। एसओजी, डीवीएफ तथा सीआरपीएफ के जवान जंगल और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च एवं कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि माओवादियों की शेष गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।

