विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा पर महाराष्ट्र सरकार सख्त ..
शालेय शिक्षण विभाग ने जारी किए महत्वपूर्ण दिशा – निर्देश, सभी विद्यालयों को पालन के आदेश?
मुंबई। विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र शासन के शालेय शिक्षण विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, अनुदानित तथा निजी विद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विद्यालय का पहला दायित्व बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। जारी परिपत्र में विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्यों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। विद्यालय परिसर में अनुशासन, सतर्कता तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा प्रत्येक शैक्षणिक संस्था की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है। शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का नियमित पालन तथा उनकी प्रभावी समीक्षा भी आवश्यक होगी।
शिक्षाविदों का मानना है कि बदलते सामाजिक परिवेश में विद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सकारात्मक और विश्वासपूर्ण वातावरण प्रदान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र शासन की यह पहल विद्यालयों में उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और संवेदनशीलता को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने शासन की इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ होगी तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित वातावरण का लक्ष्य भी साकार होगा।
.. विशेष रिपोर्ट : अद्विक धर्मेंद्र पाठक
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