मुंबई पुलिस का जनविश्वास अभियान : हर थाने में आयोजित हुआ ‘शिकायत निवारण दिवस’
जनसुनवाई से बढ़ेगा पुलिस पर विश्वास, शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर?
मुंबई, 18 जुलाई। महानगर की जनता और पुलिस के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में मुंबई पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शनिवार, 18 जुलाई 2026 को शहर के सभी पुलिस थानों में “शिकायत निवारण दिवस” का आयोजन किया। यह कार्यक्रम मुंबई पुलिस आयुक्त श्री देवेन भारती के निर्देशानुसार तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस विशेष जनसुनवाई अभियान का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुनना, लंबित मामलों की समीक्षा करना तथा पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रादेशिक विभागों के अपर पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त ने संबंधित पुलिस थानों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रत्येक पुलिस थाने में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) एवं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Senior PI) ने स्वयं उपस्थित रहकर नागरिकों की शिकायतें सुनीं। शिकायत आवेदन, दर्ज अपराधों तथा लंबित मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अनेक मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुंबई पुलिस ने इस अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों से अपील की कि महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध, उत्पीड़न या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत महिला हेल्पलाइन 103 अथवा आपातकालीन नंबर 100 या 112 पर दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाएगी।
जनभागीदारी से मजबूत होगी कानून व्यवस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिकायत निवारण दिवस केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जब वरिष्ठ अधिकारी स्वयं नागरिकों से संवाद करते हैं और शिकायतों के समाधान की निगरानी करते हैं, तो इससे पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और सहयोग दोनों बढ़ते हैं।
मुंबई जैसे महानगर में, जहाँ प्रतिदिन लाखों लोग विभिन्न समस्याओं का सामना करते हैं, ऐसी पहल पुलिस और समाज के बीच संवाद की नई संस्कृति को बढ़ावा देती है। यदि यह अभियान नियमित रूप से जारी रहता है, तो शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ अपराध नियंत्रण और जनसंतोष में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।
मुंबई पुलिस का संदेश स्पष्ट है – सुरक्षित शहर का निर्माण पुलिस और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। जागरूक नागरिक, सक्रिय पुलिस और त्वरित शिकायत निवारण ही सुरक्षित मुंबई की मजबूत नींव हैं।
— कौशल विनोद पाठक – विशेष संवाददाता

