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Friday, June 5, 2026

ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस! वाटर पार्क की आड़ में संदिग्ध स्पा?

ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस! वाटर पार्क की आड़ में चल रहा था संदिग्ध स्पा?

    इंदौर। रतलाम जिले के नामली क्षेत्र में स्थित एक वॉटर पार्क में संचालित स्पा सेंटर पर शुक्रवार को पुलिस ने गोपनीय और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए। पंचेड़-नामली मार्ग पर स्थित तुलसी वॉटर पार्क में लंबे समय से अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर दबिश दी। योजना के तहत कुछ पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर के भीतर भेजा गया, जबकि वरिष्ठ अधिकारी बाहर से गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद शिकायत सही पाए जाने के बाद एएसपी विवेक कुमार लाल के नेतृत्व में एसडीओपी किशोर पाटनवाला, एसडीओपी नीलम बघेल, डीएसपी अनिशा जैन समेत टीम ने स्पा सेंटर पर दबिश दी। जांच के दौरान वाटर पार्क परिसर के पीछे बने छह कमरों में संचालित स्पा सेंटर से तीन विदेशी युवतियां और कुछ युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवतियां थाईलैंड की नागरिक बताई जा रही हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस को स्पा संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। तलाशी के दौरान स्पा के एक कमरे मे बड़ी संख्या में उपयोग किए हुए कंडोम डस्टबिन में पड़े मिले।

पूछताछ के लिए थाने लेकर पहुंची पुलिस
छापामार कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर के प्रबंधन और संचालन से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। बताया जा रहा है कि वॉटर पार्क का संचालन रतलाम निवासी योगेश सिंह द्वारा किया जाता है। पुलिस ने मैनेजर दिलीप ठाकुर सहित अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि विदेशी युवतियों की स्थानीय स्तर पर आवश्यक सूचना और दस्तावेज संबंधित विभागों को उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। एएसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। स्पा सेंटर की वैधता, लाइसेंस, विदेशी नागरिकों से जुड़े दस्तावेज और अन्य गतिविधियों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय पुलिस को नहीं लगी भनक
पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायत थी कि वॉटर पार्क की आड़ में संचालित स्पा सेंटर में संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई की जानकारी स्थानीय थाने तक को नहीं दी गई। यहां तक कि अभियान में शामिल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन भी एक स्थान पर जमा करा लिए गए, ताकि सूचना लीक न हो सके।

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