पुलिस के हत्थे चढ़ा राजदार? 68 बैंक खाते, 13 फर्जी फर्म और करोड़ों का खेल…
कानपुर। 68 खातों में 3200 करोड़ से अधिक के अवैध साम्राज्य के मुख्य राजदार को साइबर और चकेरी थाना पुलिस ने श्याम नगर से गिरफ्तार किया। वह मास्टर माइंड का बेहद करीबी और उसके साम्राज्य के साथ अपना भी नया साम्राज्य तैयार कर रहा था। पुलिस ने ये 10वीं गिरफ्तारी की है। आरोपित स्क्रैब कारोबारी यशोदा नगर का संजीव दीक्षित है, जिसने लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज लिए और 13 बोगस फर्म बना उनके नाम से खाते खुलवा डाले और सालभर में जीएसटी की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) चोरी कर फर्में बंद भी कर दी। जांच में उन खातों में 323 करोड़ रुपये लेनदेन पाया गया। इन लेनदेन का कनेक्शन गिरोह के मास्टर माइंड महफूज आलम और उसके दो साथी नूर आलम व फिरोज खान के साथ भी मिला है। वहीं आरोपित से पूछताछ व जांच के दौरान गिरोह के दो नए नाम सामने आए हैं। इसके साथ ही चार्टड अकाउंटेंट व अकाउंटेंट समेत कई बड़े कारोबारियों के गिरोह से जुड़े होने की संलिप्पता की भी जांच चल रही है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि संजीव दीक्षित वर्ष 2024 में गिरोह के साथी स्क्रैब कारोबारी संजय अग्रवाल के साथ चकेरी थाने में दर्ज मुकदमे में जेल भी जा चुका है, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद वे लोग फिर से यही काला कारोबार करने लगे। संजीव पर तीन चकेरी में और एक अनवरगंज थाने में मुकदमा दर्ज है। आरोपितों का गिरोह गरीब, बेरोजगार व मजदूरी करने वालों को बीमा, लोन, पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज लेते और बोगस फर्म बनाकर अरबों रुपये जीएसटी की आइटीसी चोरी कर चुके हैं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि ये गिरोह दो हिस्सों में काम करता था। इसमें महफूज का साथी फिरोज खान व उसके सदस्य स्लाटर हाउस के नाम पर बोगस फर्में बनाकर खाते खुलवा लेनदेन करते थे, जबकि राजदार बना संजीव दीक्षित स्क्रैब कारोबार में डील करता था। उसने शहर के विभिन्न बड़े स्क्रैब कारोबारियों से डील करता और उनका माल लेकर आइटीसी चोरी का खेल करता था। उसने खुद की मां पीतांबरा इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बना रखी थी।

