कुछ रिश्ते कभी खत्म नहीं होते… यादों में हमेशा जीवित रहते हैं!

मुंबई, श्री सुशील कुमार दुबे जी के निधन का समाचार मेरे लिए अत्यंत दुःखद, पीड़ादायक और हृदय को झकझोर देने वाला है। उनके साथ बिताए हुए पल आज बार-बार आंखों के सामने आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे कल की ही बात हो – उनकी आत्मीय मुस्कान, सहज बातचीत और अपनत्व भरा व्यवहार आज भी स्मृतियों में उसी तरह जीवंत है। सुशील जी से जब भी मुलाकात होती थी, बातचीत का सिलसिला कब लंबा हो जाता, पता ही नहीं चलता था। उनके व्यक्तित्व में एक ऐसी सादगी थी, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वे केवल परिचित नहीं थे, बल्कि अपनेपन का एहसास कराने वाले उन लोगों में से थे, जिनकी मौजूदगी जीवन में एक अलग ही सुख और विश्वास देती है। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके साथ बिताए अनगिनत पल हमारी स्मृतियों में हमेशा सुरक्षित रहेंगे। उनकी बातें, उनका हंसमुख स्वभाव, उनका स्नेह और आत्मीयता समय के साथ कभी धुंधली नहीं होगी।
जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि इंसान इस संसार से चला जाता है, लेकिन उसके अच्छे कर्म, मधुर व्यवहार और खूबसूरत यादें हमेशा उसके साथियों के दिलों में जीवित रहती हैं। सुशील जी भी अपनी इन्हीं अमिट यादों के साथ सदैव हमारे बीच रहेंगे। उनका जाना केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की व्यक्तिगत क्षति है, जिन्हें उनके स्नेह और आत्मीयता का सौभाग्य मिला। ईश्वर से मेरी हृदय से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति, धैर्य एवं संबल प्रदान करें। सुशील जी, आप भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आपके साथ बिताए हुए पल हमेशा हमारे दिल में रहेंगे।
आपकी यादें कभी नहीं जाएंगी… आप हमेशा याद आएंगे।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ॐ शांति। 🙏
.. विनोद कुमार लालजी पाठक – एडवोकेट एवं वरिष्ठ पत्रकार

